करनी अब तो लड़ाई है .......
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चिंतित नेता जी |
नव वर्ष की पूर्व संध्या पर
नेता जी ने पत्रकारों को वुलाया
प्रेस कांफ्रेंस के नाम पर
आगे का प्लान बताया
हमारे किसी पड़ोसी ने
संसद पर नशाना दागा है
कैसे देवें इसका उत्तर
जनता ने जानना चाहा है
नेताजी के माथे पर
चिंता की लकीरें दिखती थीं
संसद पर हुई गोली बारी
रुक रुक के डराया करती थी
बोले कुछ तो करना होगा
जान पे जो वन आयी है
"शांति" गयी तेल लेने
करनी अब तो लडाई है !